जो रिश्ते मतलब की डोर से बंधे हैं उन का बिछड़ जाना ही अच्छा हैै
इसमें रिश्तों की मजबूरी और बंधन का दर्द झलकता है। कभी‑कभी डोर से बंधे रिश्ते बोझ बन जाते हैं, और उनका टूटना ही सुकून देता है। यह एक तरह से आत्ममुक्ति और आंतरिक शांति की ओर इशारा करता है।